Hindi Story For Class 2 – हिंदी कहानी कक्षा 2 के लिए



कहानी – साथी की सहायता – Hindi story for class 2

एक बालक था, उसकी उम्र 11 वर्ष थी। एक दिन वो अपने पिता के पास गया और बोला – पिताजी…मुझे 5 – 7 रुपये दे दीजिए।

Hindi story for class 2
Hindi story for class 2

पिताजी ने पूछा – तुम्हें 5 – 7 रुपये किसलिए चाहिए ?

बालक बोला – मुझे इन रुपयों की जरूरत है।

पिताजी ने बालक को 5 रुपये दे दिये, लेकिन वो जानना चाहते थे कि आखिर बालक इन रुपयों को किस काम में खर्च करता है।
बालक सीधा अपने साथी के घर गया, पिताजी भी चुपके से उसके पीछे चल पड़े….बालक ने अपने साथी को बुलाया और फिर दौनों बाजार की ओर चले गए।
बाजार में पुस्तकों की एक दुकान थी, वहां दोनों रुक गए, बालक ने एक पुस्तक खरीदी और अपने साथी को दे दी, उसके साथी को इन पुस्तकों की बहुत जरूरत थी।
पिताजी सबकुछ समझ गये, वे बहुत खुश थे कि उनके बेटे ने साथी की मदत की हैं।
पिताजी ने बेटे को बुलाया और कहा – बेटा, तुमने बहुत अच्छा काम किया है। अपने साथियों की सहायता करना बहुत अच्छी बात है।

इस बालक का नाम चितरंजन दास था। जो बड़े होकर देशबंधु चितरंजन दास कहलाये, उन्होंने देश की बहुत सेवा की, जिसके कारण लोग इन्हें प्यार से देशबंधु कहने लगे।


कहानी – फूल कुमारी – Hindi story for class 2


एक था राजा, एक थी रानी उसकी बेटी थी फूल कुमारी। फूल कुमारी बहुत हँसमुख थी। उसे अगर कुछ भी अजीब दिखता तो वो जोर – जोर से हँसने लगती थी।

Class two hindi story
Hindi story for class 2

एक दिन की बात हैं, राजा रानी और फूल कुमारी राज्य के शाही बग़ीचे में बैठे थे।

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जगदीशपुर एक गाँव की कहानी | Jagdishpur Gaon ki kahani | Village Story in Hindi

यह कहानी हैं भारत के एक छोटे से गाँव जगदीशपुर की, जहाँ के किसानों की कुछ गलतियों के कारण गाँव में कोई तरक्की नहीं हो रही थी। पूरे गाँव के लोग बहुत ज्यादा मेहनत करते थे, उनकी मुख्य  आजीविका खेती ही थी, लेकिन उनके खेतों में उतना अनाज नहीं उगता था जिससे वे अपने गाँव … Read moreजगदीशपुर एक गाँव की कहानी | Jagdishpur Gaon ki kahani | Village Story in Hindi

किसान के आलसी बेटे (Farmer and his Lazy Son story in Hindi)

किसी गाँव में एक किसान रहता था। उसके चार बेटे थे, लेकिन चारों बहुत आलसी थे। किसान अपने बेटों से परेशान रहता था, एक दिन किसान ने सोचा की इनको मेहनती बनाने के लिए कोई उपाय सोचना पड़ेगा। एक दिन किसान सुबह उठा और उसने अपने बेटों से कहा – में तीर्थ पर रहा हूँ , … Read moreकिसान के आलसी बेटे (Farmer and his Lazy Son story in Hindi)