खड़ा हिमालय बता रहा है – Motivational Poem in Hindi


Motivational Poem in Hindi


खड़ा हिमालय बता रहा है

डरो ना आंधी पानी में

खड़े रहो तुम अविचल होकर

सब संकट तूफानी में।

डिगो ना अपने प्रण से तो तुम

सब कुछ पा सकते हो प्यारे

तुम भी ऊँचे उठ सकते हो

छू सकते हो नभ के तारे।

अचल रहा है जो अपने पथ पर

लाख मुशीबत आने में

मिली सफलता जग में उसको

जीने में मर जाने में।

– सोहनलाल द्विवेदी

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