पेड़ और मधुमक्खियाँ | Short Stories For Children in Hindi



Short Stories For Children in Hindi 


Short Stories For Children in Hindi – एक समय की बात हैं, एक जंगल में एक मधुमक्खियों का झुण्ड अपना छात्ता बनने के लिये पेड़ की तलाश कर रहा था।  बहुत खोजने पर उन्हें एक बरगद का पेड़ मिला जिसपर वह अपना छत्ता बनाकर रह सके। 
उन्होंने उस बरगद के पेड़ की एक डाली पर अपना छाता बनाना शुरू किया। उनको छात्ता बनाते देख बरगद के पेड़ को गुस्सा आ गया। 
उसने घमंड में कहा – अरे मधुमक्खियाँ तुम मेरी डाली पर अपना छात्ता मत बनाओ, तुम्हारे जैसी छोटी – मोटी मक्खियाँ मेरी डाली पर नहीं रह सकती। 
बरगद के पेड़ ने घमंड में आकर उन मधुमक्खियों को छात्ता नहीं बनाने दिया, बेचारी मधुमक्खियाँ उदास होकर बैठ गयी। उन्होंने सोचा की अब हम कहाँ अपना छात्ता बनाये, कुछ ही दिनों में शहद बनाने का समय आने वाला हैं। 
उनको उदास बैठा देख एक बूढ़ा आम का पेड़ धीरे – धीरे आवाज लगा रहा था।  मधुमक्खियाँ तुम यहाँ मेरी डाली पर अपना छात्ता बनाओ, ये घमंडी बरगद का पेड़ किसी को भी नहीं रहने देता हैं। 
मधुमक्खियाँ ने जब आम के पेड़ की बात सुनी तो वे प्रसन्न हो गयी, उन्होंने उस आम के पेड़ पर अपना बहुत सूंदर छात्ता बनाया, और वे आम के पेड़ पर रहने लगी। 
एक दिन उस जंगल में दो लकड़हारे लकड़ी काटने के लिये आये, उन्होंने आम के पेड़ के नीचे आकर कहा – आज हमें बहुत सारी लकड़ी काटनी हैं, चलो इस पेड़ इस डाली काटते हैं। 
तभी दूसरे लकड़हारे ने कहा – अरे रुको देखो इस डाली पर बहुत बड़ा मधुमक्खियों का छत्ता हैं, अगर हमने इस पेड़ की डाली काटी तो मधुमक्खियाँ हमें नहीं छोड़ेगी। 
चलो उस बरगद के पेड़ की डाली काटते हैं और वे दोनों लकड़हारे ने उस बरगद ने पेड़ की बहुत सारी डालियाँ काट दिया, घमंडी बरगद का पेड़ देखता ही रह गया। 
सीख – इस कहानी से हमें यह सीख मिलती हैं की हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिये। 
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