चित्रकार की गलती – Short Stories In Hindi With Moral



Short Stories In Hindi With Moral


short stories in hindi With Moral – एक समय की बात है, किसी शहर में एक चित्रकार रहता था।  वह बहुत अच्छे चित्र बनाता था, उसके द्वारा बनाये गये चित्रों की लोग बहुत तारीफ करते थे। 

एक दिन की बात हैं, चित्रकार के मन में यह बात आयी की उसकी चित्र सच में अच्छी होती हैं या लोग बस ऐसे ही उसके मुंह पर उसकी तारीफ करते हैं।

Short Stories In Hindi With Moral
Short Stories In Hindi With Moral

यह सोचकर उसने अपनी एक सबसे अच्छी चित्रकारी शहर के एक चौराहे पर लगा दी और उसके निचे लिख दिया – ” जिसे भी इस तस्वीर में कोई कमी दिखे वह वहाँ एक निशान लगा दे “
जब शाम को वह अपनी पेंटिंग देखने गया, तो वह चौंक गया, उसकी पेंटिंग्स में बहुत सारे निशान लगे हुये थे, उसकी पेंटिंग्स पूरी तरह खराब हो गयी थी। 
उसने अपनी वह पेंटिंग उठायी और उसे चुपचाप अपने घर ले आया। उसके बाद उसका मन पेंटिंग बनाने का नहीं कर रहा था। 
उसने अब पेंटिंग बनाना छोड़ दिया, क्यों की जिस पेंटिंग में लोगों ने इतने सारे निशान लगाये थे वह उस चित्रकार की सबसे अच्छी पेंटिंग्स में से एक थी। 
बहुत दिन तक वह अपने घर में उदास बैठा रहा, कुछ दिन बाद उससे मिलने उसका एक दोस्त आया, वह भी चित्रकार था। 
उसने पूछा – दोस्त क्या हुआ हैं, अब तुम चित्र क्यों नहीं बनाते हो..? मैंने तुम्हें बहुत दिनों से एक भी चित्र बनाते नहीं देखा हैं ?
चित्रकार ने अपने दोस्त को वह पेंटिंग्स की बात बतायी और वह ख़राब हो चुकी पेंटिंग्स भी दिखायी। 
उसके दोस्त ने उसने कहा – शायद लोगों ने ऐसे ही निशान लगा दिया होगा।  अब तुम एक और चित्र उस चौराहे पर लगाओ, देखते हैं की इसबार लोग क्या कहते हैं। 
चित्रकार ने एक और चित्र उस चौराहे पर लगाने के लिए लाया, और चित्र पर पहले की तरह लिखने लगा। 
इसबार उसके दोस्त ने उसे रोका और उसने वहाँ निशान लगाने के बदले यह लिख दिया की “जिसे भी इस तस्वीर में कोई कमी दिखे वह उसे ठीक कर दे “
शाम को जब चित्रकार अपने दोस्त के साथ वहाँ गया तो वह फिर चौक गया – आज किसी ने भी उसके चित्र में कोई गलती नहीं निकाली थी। उसके चित्र में एक भी जगह कमीं नहीं थी। 
वह दोस्त ने उस चित्रकार से कहा – देखो दोस्त जिससे तुम अपने चित्र के बारे में सलाह माँग रहे थे, वे चित्रकारी के बारे में कुछ नहीं जानते थे, वे बस ऐसे ही निशान लगाकर चले जाते थे। 
गलती तुम्हारे पेंटिंग्स में नहीं थी, गलती तो उनलोगों से सलाह माँगने में थी, जिन्हें चित्रकारी के बारे में कुछ मालूम नहीं हैं। 
अब चित्रकार को अपनी गलती समझ में आयी, उसने वह पेंटिंग्स उठाकर अपने घर ले आया और उसके बाद उसने बहुत अच्छी – अच्छी चित्रकारी बनायी, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। 

***
इस कहानी से हम यह सीख सकते हैं की सलाह हमेशा उसी से लेना चाहिये जिसे उस काम के बारे में कुछ जानकारी हो, बिना जानकारी वाले लोगों से सलाह लेना भी एक गलती ही हैं। 

कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम हैं कहना 

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