बाल कहानी : मोहन ने जीता पहला ईनाम, child story in hindi


बाल कहानी : मोहन ने जीता पहला ईनाम

मोहन अपने गांव के स्कुल में चौथी कक्षा में पढ़ता था, उसके स्कुल में हर साल जून के महीने में पर्यावरण दिवस मनाया जाता हैं, जिसमें बहुत तरह के प्रतियोगितायें होती हैं।

इस साल भी बहुत से बच्चों ने प्रतियोगता में भाग लिया हैं, मोहन भी प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता हैं, मगर उसे पर्यावरण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं हैं।

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स्कुल की छुट्टी होने पर मोहन अपने घर वापस आ रहा था, रास्ते में नदी किनारे उसने देखा की एक बहुत ही बूढ़ा व्यक्ति एक पेड़ लगा रहा था। 

मोहन को यह देख बहुत आश्चर्य हुआ, मोहन उस बूढ़े व्यक्ति के पास गया और उनसे पूछा की बाबा आप यह पेड़ क्यों लगा रहे हो…?

मोहन उनके पास बैठ गया और फिर बोला – बाबा यह पेड़ बहुत दिन बाद फल देगा, आप इतने बूढ़े हो क्या आप इसका फल खा सकोगे ?

बूढ़े व्यक्ति ने जबाब दिया – बेटा एक पेड़ हमें हमेशा फल देता रहता हैं। बस हम पेड़ों की बात समझते नहीं हैं। 
मोहन ने  कहा – बाबा पेड़ तो साल में बस एक ही बार फल देते हैं। 
बूढ़े व्यक्ति ने जबाब दिया – नहीं बेटा पेड़ बहुत तरीकों से हमें फल देते हैं। अगर तुम पाठशाला से लौटते समय धुप में थक जाते हो तो कहाँ आराम करते हो। 
मोहन झट से बोला – पेड़ की छाया में। 
बूढ़ा व्यक्ति – हाँ…पेड़ की छाया, और पेड़ सिर्फ छाया ही नहीं देते बल्कि पेड़ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्सइड खींचते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
इन पेड़ों से हमें लकड़ी, ईंधन, फल इत्यादि बहुत चीज मिलती हैं, लेकिन फिर भी हम बहुत से पेड़ काट रहे हैं।
मोहन – हाँ….हमें पेड़ नहीं काटना चाहिए।
बूढ़ा व्यक्ति – अब समझे पेड़ कितने हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, में इसलिये यह पेड़ लगा रहा हूँ। 
मोहन को उस बूढ़े व्यक्ति की बातें समझ में आ गयी, मोहन ने पेड़ लगाने में उस बूढ़े व्यक्ति की बहुत मदद की, इस तरह मोहन और बूढ़े बाबा ने मिलकर बहुत से पेड़ लगाये।

मोहन अब रोज उस बूढ़े बाबा के साथ उस पेड़ों में पानी देने और उसकी रखबाली करने में मदद करता और बूढ़े बाबा भी मोहन को रोज नयी – नयी जानकर देते थे।

मोहन ने प्रतियोगिता में भाग लिया, पर्यावरण दिवस पर मोहन ने अपने पाठशाला में बहुत काम किया, पेड़ लगाया और उसकी बारें में जानकारी सभी बच्चों को दिया। 

इस पर्यावरण दिवस पर स्कुल का पहला इनाम मोहन को मिला, आज मोहन बहुत ही खुश हुआ, मोहन उस बूढ़े बाबा से मिला और उन्हें अपना इनाम दिखाया, आज वे बूढ़े बाबा भी बहुत खुश हुये।



सीख – दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती हैं की पेड़ पौधे हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, हमें पेड़ लगानी चाहिये, और स्कुल के प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। 
***
दोस्तों यह एक बच्चों की कहानी (child story in hindi ) हैं, जिससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं, आशा हैं की आपको यह कहानी अच्छी लगी होगी, इस वेबसाइट पर आप रोज नई रोचक कहानियाँ पढ़ सकते हैं। अगर आपको कोई भी कहानी अच्छी लगी जिसे आप शेयर भी कर सकते हैं, निचे दी गयी अन्य कहानियाँ भी पढे, धन्यवाद। 
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