सोन चिड़ियाँ की कहानी – chidiya ki kahani


एक समय की बात हैं। गेहूँ के खेत में सोन चिड़ियाँ ने अपना बहुत ही सुन्दर घोंसला बनाया।

chidiya ki kahani
सोन चिड़ियाँ की कहानी

सोन चिड़ियाँ ने घोसला में तीन अंडे दिये, वह अपने अंडों की बहुत देखभाल करती थी।
कुछ दिन बाद सोन चिड़ियाँ के अंडों में से तीन छोटे बच्चें निकले, सोन चिड़ियाँ अपने बच्चों को देख बहुत खुश हुयी।
सोन चिड़ियाँ प्रतिदिन सुबह दूर खेतों से अनाज चुनने जाती थी, और शाम के समय वापस अपने घोंसले में आ जाती थी।
वह अपने बच्चों के लिये रोज नये – नये  तरह के दाने लाती थी। बच्चें रोज शाम के समय सोन चिड़ियाँ का रास्ता देखते रहते थे।

एक दिन की बात हैं। सुबह सोन चिड़ियाँ दाना चुनने चली गयी थी। उसी समय वहाँ खेत का किसान आया।
किसान बोला : गेहूँ पक चुकें हैं। में कल ही कुछ मजदूरों को भेजूँगा वे सारा गेहूँ काट देंगे।
यह सुन सोन चिडियाँ के बच्चें बहुत घबरा गये। शाम में जब सोन चिड़ियाँ अपने आई तो बच्चों ने पूरी बात सोन चिड़ियाँ को बतायी।

बच्चों की बातें को सुनकर सोन चिड़ियाँ बोली : घबराओ मत बच्चों किसान कल नहीं आयेगा। में तुम्हें कल से उड़ना सिखाऊंगी जिससे किसान के आने से पहले हम उड़ जाएँगे।

सोन चिड़ियाँ ने अपने बच्चों को उड़ना सिखाना शुरू किया। बच्चों को उड़ना सीखते हुये बहुत अच्छा लग रहा था।

कुछ दिन बीतने के बाद वह किसान फिर खेत आया। आज वह थोड़ा उदास था।

किसान बोला : ये मजदूर भी बहुत कामचोर हो गये हैं। में कल अपने बेटों को भेजता हूँ। वे गेहूँ काट लेंगे।

सोन चिड़ियाँ के बच्चों को अभी तक पूरी तरह से उड़ना नहीं आया था। वे किसान की बात सुनकर घबरा गये। शाम के समय जब सोन चिड़ियाँ वापस लौटी तो बच्चों ने उसे पूरी बात बतायी।

सोन चिड़ियाँ बोली : बच्चों घबराओ नहीं कल भी कोई नहीं आयेगा। तुम अच्छे से उड़ना सिख लो। फिर हम उड़कर जंगल चले जायेंगे।

कुछ दिन बाद चिड़ियाँ के बच्चों ने अच्छे से उड़ना सिख लिया। आज फिर किसान खेत आया, वह बहुत गुस्से में था।



किसान बोला : किसी ने अभी तक गेहूँ नहीं काटे। अब मुझे ही काटना पड़ेगा, कल ही में सारा गेहूँ काटकर ले जाता हूँ।

किसान की बात सुनकर आज कोई भी नहीं घबराया, शाम के समय जब सोन चिड़ियाँ वापस आयी तब बच्चों ने उसे पूरी बात बतायी।

सोन चिड़ियाँ घबराते हुये बोली : बच्चों जल्दी करो। कल किसान जरूर गेहूँ काटने आयेगा। हमें उससे पहले उड़ जाना हैं।

सुबह हुई तो सोन चिड़ियाँ अपने बच्चों को साथ उड़कर एक पेड़ पर चली गयी। पेड़ वहीं नजदीक में ही था।

सोन चिड़ियाँ के उड़ने के कुछ देर बाद किसान और उसके बेटें आ गये। उन्होंने कुछ ही देर में पूरे खेत का फसल काट लिया।

बच्चों ने सोन चिड़ियाँ से पूछा कि किसान आज ही क्यों आया। सभी बच्चें आश्चर्यचकित थे।

सोन चिड़ियाँ बोली : बच्चों जो अपना काम खुद नहीं करता हैं। उसका काम कभी भी ठीक समय पर नहीं होता हैं।

सोन चिड़ियाँ और उसके बच्चें दूसरे जंगल चले गये। वहाँ उन्होंने एक नया घोसला बनाया और खुशी से रहने लगे।

सीख :- बच्चों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती हैं कि अपना काम खुद करना चाहिये

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