सरसों के बारें में 15 रोचक जानकारी – Mustard in Hindi


सरसों (Mustard) एक रवि फसल हैं, जिसके पौधे में सुंदर पीले रंग के फूल लगते हैं, यह फूल धीरे-धीरे बीज की कली में परिवर्तित हो जाती हैं, हर कली में 8 से 10 बीज होते हैं, इन्हीं बीज को हम सरसों और सरसों के बीज के नाम से जानते हैं। तो आइये जानते हैं सरसों के बारे में रोचक जानकारी
Mustard in hindi
1. सरसों क्रुसिफेरी कुल का द्विबीजपत्री एकवर्षीय पौधा हैं।

2. सरसों का वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कंप्रेसटिस हैं।

3. भारत मे मूँगफली के बाद सरसों सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल हैं।
4. भारत में सरसों की खेती ज्यादातर राजस्थान, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, पश्मिम बंगाल और असम में होती हैं।
5. सरसों के पौधों की लंबाई 2 से 3 फीट होती होती हैं।
6. सरसों की प्रत्येक कली में करीब 8 से 10 बीज होता हैं।
7. सरसों के बीज काले और पीले रंग की होती हैं, यह पौधा की प्रजाति पर निर्भर करता हैं।

8. सरसों दिसंबर महीने में बोई जाती हैं, तथा इसकी कटाई मार्च – अप्रैल के महीने में होती हैं।
9. सरसों के बीज से इसका तेल निकाला जाता हैं, जो कई तरह से काम आता हैं, इसी तेल को सरसों का तेल कहा जाता हैं।
10. तेल निकालने के बाद प्राप्त खली मवेशियों के खिलाने के काम आता हैं।
11. सूखे पौधों की डंठल का उपयोग जलावन और उर्वरक बनाने के लिए किया जाता हैं।
12. सरसों का उपयोग मसालों के रूप में किया जाता हैं।
13. सरसों आयुर्वेदिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं, जैसे इसका तेल थकान, त्वचा रोग, शर्दी, कफ में बहुत लाभकारी होता हैं।
14. अन्य फसलों की तुलना में सरसों की खेती अधिक लोकप्रिय हैं , क्योंकि इसमें कम लागत और कम सिंचाई में अधिक लाभ प्राप्त होता हैं।
15. जर्मनी में सरसों तेल का उपयोग जैव इंधन के रूप में भी किया जाता हैं।
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