पंचतंत्र की कहानी – केकड़ा और बगुला (Panchatantra)


Panchatantra – Crab And Crane

This is an image crab and crane image

एक जंगल के बीच में एक छोटा सा तालाब था। जिसमें बहुत सारी मछलियाँ और केकड़े रहते थे। एक बगुला रोज उस तालाब के पास आता और मछली पकड़ कर खाता था। एक
दिन उस दुष्ट बगुले ने सोचा की मुझे रोज – रोज इन मछलियों का शिकार करना पड़ता हैं, इससे अच्छा हैं कि इन्हें बेबकूफ बना कर इनका शिकार किया जाए , इससे मुझे मेहनत भी नहीं करना पड़ेगा और मुझे शिकार भी मिलता रहेगा। यही सोच कर एक दिन बगुला तालाब के पास आया और उदास होकर बैठ गया और रोने लगा। उसे रोता हुआ देख मछलियाँ बाहर आकर उससे रोने का कारण पूछी।

बगुला बोला – मुझे पता चला हैं , की ये तालाब अब कुछ ही दिन में सुख जाएगा । इस तालाब की सारी मछलियाँ मर जाएगी। इसी कारण में रो रहा हूँ।
मछलियाँ बोली – तुम तो मछली खाते हो , उनका शिकार करते हो। हम मछलियाँ तुम पर क्यों विश्वास करें।
बगुला बोला – में रोज इस तालाब से मछली पकड़ कर खाता था , लेकिन अब मुझे एक बहुत बड़ा तालाब मिल गया हैं। इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि तुम्हारा भी कुछ अच्छा करूँ। नहीं तो ये तालाब सुख जाएगा और तुम सब मर जाओगी।
अगर तुम कहो तो में रोज दो मछलियों को उस तालाब से दूसरे तालाब पहुंचा दूँगा।



अब रोज बगुला आता और दो मछलियों को अपने चोंच से पकड़ एक पहाड़ पर ले जाता और उन्हें खा जाता था।
इधर भोली – भाली मछलियाँ सोच रही थी कि बगुला उन्हें दूसरे तालाब पहुंचा रहा हैं।
लेकिन उस तालाब में एक केकड़ा रहता था, उसे उस बगुले पर भरोसा नहीं था। एक दिन केकड़े ने बोला आज मुझे पहुंचा दो। बगुले ने मन ही मन सोचा रोज मछली खाता हूँ, आज इस केकड़े को ही खा लेता हूँ। उसनें केकड़े को अपनी पीठ पर बिठाया और उड़ चला।

रास्ते में केकड़ा ने बगुला से पूछा – बगुला तुमनें जिस मछलियों को दूसरे तालाब छोड़ आये हो , वो वहाँ खुश हैं कि नहीं।
बगुला ने सोचा अब ये तालाब से दूर आ गया हैं। इसे खाने से पहले सच्चाई बता देता हूँ।
और बगुले ने मछलियों को खाने की बात केकड़े को बता दिया।
केकड़ा बहुत दुखी हुआ और उसनें अपने चंगुल से उस बगुले की गर्दन जोर से दबा दिया।
दुष्ट बगुला हवा में ही मर गया , केकड़ा वापस अपने तालाब आया और सारी कहानी मछलियों को बता दिया। सभी मछलियाँ उस बगुले पर विश्वास कर के पछता रही थी….।

शिक्षा – दुश्मन पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए। 


ये कहानियाँ भी पढ़ें –
पंचतंत्र की कहानी – शेर और चूहा

मोहन और जादुई गुल्लक

कहानी – राजा और मकड़ी

पंचतंत्र – नीला सियार

कहानियों का संग्रह देखें click

About bhartihindi

भारती हिंदी पर प्रतिदिन नयी नयी रोचक कहानियाँ और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की जाती हैं, हम अपने सभी पाठकों का दिल धन्यवाद करते हैं।

View all posts by bhartihindi →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *