3 Best Panchatantra Stories in Hindi With Moral Values and Pictures



पंचतंत्र : चार मित्र की कहानी  

Panchatantra Stories in Hindi – एक समय की बात है। किसी गांव में खरगोश, बकरी, घोड़ा और गधा इन चारों में बहुत अधिक मित्रता थी, वे एक साथ एक ही मैदान में घास चरने के लिये जाया करते थे।

Panchatantra Stories in Hindi With Moral Values and Pictures

इन सभी जानवरों में सबसे छोटा और सबका नन्हा दोस्त था खरगोश। खरगोश का पेट तो थोड़े से घास से ही भर जाता था, बाकि तीनों जानवरों को अधिक घास खाना होता था। 
इसलिये जब खरगोश का पेट भर जाता तब वह सभी जानवरों के साथ खूब खेलता था।  
वह कभी घोड़े की पुँछ पकड़कर उसके पीठ पर बैठ जाता था। तो कभी बकरी के कान पकड़कर खींच देता, और कभी गधे को पीठ पर बैठकर कूदने लगता था।

एक दिन की बात है, उस मैदान में एक शिकारी कुत्ता आया, उसने जैसे ही खरगोश को देखा वह तुरंत खरगोश का शिकार करने के लिए दौरा।
उस दिन तो खरगोश दौड़कर झाड़ियों में भाग गया, लेकिन वह कुत्ता उसका शिकार करना चाहता था, खरगोश को देखते ही वह दौड़कर उसे पकड़ना चाहता था। 
खरगोश ने अब मैदान जाना और घास खाना छोड़ दिया, अब वह जंगल की थोड़ी सी पत्तियाँ खाता और जंगल में ही रहता था। 
बहुत दिन तक खरगोश मैदान नहीं गया, उसे अपने दोस्तों की याद आ रही थी। एक दिन वह शिकारी कुत्ते से बचकर मैदान गया, उसे देखते ही जानवरों ने पूछा – तुम इतने दिनों से घास चरने क्यों नहीं आते थे। 
खरगोश ने कहा – एक शिकारी कुत्ता इस मैदान में आया है, वह मुझे मार डालना चाहता है, इसलिए में अब मैदान में नहीं आता हूँ। अब तुम सब ही मेरी मदद कर सकते हो। 
खरगोश ने पहले घोड़े से कहा – दोस्त तुम तो इतने बड़े और ताकतवर हो, जब वह शिकारी कुत्ता यहाँ आये तो तुम उसे अपने टाप से मार डालना।

घोड़ा ने कहा – दोस्त में तो घोड़ा हूँ, में बस दौड़ना जनता हूँ, और टाप तो में रुकने के लिए मारता हूँ, में उस कुत्ते को नहीं मार सकता, वह एक शिकारी कुत्ता है अगर वह टाप से बच गया तो मुझे काट लेगा। 
अब खरगोश गधा के पास गया और बोला – दोस्त तुम मेरी मदद कर सकते हो, तुम्हे लात मारना आता है। जैसे वह कुत्ता यहाँ आये तुम उसे लात मारना, तुम्हारे लात मारने के बाद वह यहाँ नहीं आयेगा।

गधे ने कहा – दोस्त में तो गधा हूँ।  में बस काम करना समझता हूँ, अगर वह कुत्ता मेरी लात से बच गया तो मुझे काट लेगा। इसलिए में उसे लात नहीं मार सकता हूँ। 
अब खरगोश तीसरे दोस्त बकरी के पास गया और उससे कहा – दोस्त तुम्हारे पास नुकीली सींग है, जब वह कुत्ता यहाँ आये तो तुम उसे अपनी नुकीली सींग से मार देना।

बकरी ने कहा – दोस्त में तो बस एक बकरी हूँ। जब घोडा, गधा उससे नहीं नहीं भगा सकते तो में उसे कैसे भगा सकती हूँ। खरगोश उन सभी की बात सुनकर बहुत उदास हुआ और वह उदास होकर बैठ गया। 
फिर खरगोश ने खुद से पूछा – मेरे पास इतने मजबूत पैर है की में सबसे तेज दौर सकता हूँ।  खरगोश से तेज  कोई भी जानवर नहीं दौर सकता है, फिर में खुद पर ही विश्वास को नही करता हूँ। 
उसके बाद खरगोश खुद पर विश्वास करने लगा, वह रोज मैदान आता और सभी के साथ घास खाता था, जैसे ही उसे वह शिकारी कुत्ता दिखाई देता वह तुरंत तेज दौड़कर भाग जाता था। 
इस तरह वह कुत्ता कभी भी उस खरगोश को नहीं पकड़ पाया, अंत में थककर वह खुद ही मैदान से दूर भाग गया। 
उस खरगोश की जीत हुयी, उसके सभी दोस्त बहुत प्रसन्न थे, वे चारो पहले की तरह मैदान में आने लगे और घास खाने लगे। खरगोश भी खूब खेलने लगा।

सीख – दोस्तों इस कहानी से हमें सीख मिलती है की हमें भी सबसे पहले खुद पर विश्वास करना चाहिये। खुद पर विश्वास करने वालों की कभी हार नहीं होती है। 

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पंचतंत्र : चींटी और कबूतर की कहानी 


Panchatantra Stories in Hindi – किसी जंगल में एक बरगद का पेड़ था। पेड़ के नीचे से एक नदी बहती थी। एक दिन की बात हैं, एक कबूतर उस नदी में पानी पीने आया, उसने भरपेट पानी पिया और उड़कर पेड़ की डाल पर बैठ गया। 


पेड़ की डाली पर बैठ कबूतर आराम करने लगा, तभी उसकी नजर नदी में डूबती हुयी एक चींटी पर गयी चींटी नदी में गिर गयी थी, वह बहुत कोशिस करने के बाद भी नदी में डूबती ही जा रही थी। 

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कबूतर ने उस चींटी की मदद की सोची, उसने एक सूखा पत्ता चोंच में उठाया और चींटी के पास जाकर रख दिया, चींटी ने तुरंत उस पत्ते को पकड़ लिया और वह उस पर बैठ कर वह धीरे – धीरे किनारे आ गयी। 

चींटी ने कबूतर को बहुत धन्यवाद दिया, उस चींटी का बिल उसी पेड़ के निचे था। वह अपने बिल में चली गयी।

कुछ दिन बाद की बात हैं, चींटी खाने के लिये कुछ ढूंढ रही थी। उसी समय चींटी ने देखा की एक शिकारी पेड़ के पीछे छुपकर निशाना लगा रहा हैं। 

चींटी ने पेड़ की तरफ देखा तो पेड़ पर वही कबूतर बैठा था। जिसने चींटी की मदद की थी। कबूतर शिकारी को नहीं देख रहा था, क्यों की शिकारी पेड़ के पीछे छुपा हुआ था। 

चींटी तुरंत गयी शिकारी के पास और चींटी ने उस शिकारी के पैर को जोर से काटा, शिकारी झटपटाया और उसका निशाना चूक गया।  कबूतर ने जैसे ही शिकारी को देखा वह तुरंत वहाँ से उड़ गया। 

आज चींटी ने कबूतर की जान बचा ली, वह बहुत खुश थी, वह अपने बिल में चली गयी, अगले दिन कबूतर उस बरगद के पेड़ पर आया और उसने चींटी को धन्यवाद दिया। उस दिन के बाद कबूतर और चींटी दोनों अच्छे मित्र बन गये।

सीख – इस कहानी से हमें यह सीख मिलती हैं की हमें भी मुश्किल में दूसरों की मदद करनी चाहिये। 

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पंचतंत्र : ईमानदार हाथी की कहानी 

Panchatantra Stories in Hindi – चम्पक वन में बहुत से पशु – पक्षी रहते थे। उनमें आपस में बहुत अच्छी दोस्ती थी, कौआ के बहुत से पक्षी दोस्त थे, खरगोश के कई चूहा और मेंढक से दोस्ती थी, और वे अपने दोस्तों के साथ बात करते और खेलते थे। 
उस जंगल में एक हाथी रहता था, वह बहुत ही बड़ा था, जिसके कारण कोई भी उससे दोस्ती नहीं करना चाहता था, मगर हाथी बहुत ही अच्छा था। 
एक दिन हाथी ने सोचा की आज में सबसे पूछता हूँ, आज मुझसे कोई जानवर जरूर दोस्ती कर लेगा, वह चला जंगल घूमने, और रास्ते में जो भी मिलता उससे पूछता क्या तुम मुझसे दोस्ती कर सकते हो। 
Hathi Ki Kahani Elephant Story In Hindi
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हाथी को सबसे पहले एक खरगोश दिखाई दिया, हाथी ने उससे पूछा –  खरगोश क्या तुम मुझसे दोस्ती कर सकते हो। 
हाथी की बात सुन खरगोश उसपर हंसने लगा और बोला – अरे हाथी तुम इतने बड़े जानवर हो, में तुमसे कैसे दोस्ती कर सकता हूँ। 

हाथी खरगोश की बात सुन उदास होकर आगे बढ़ गया, रास्ते में उसने एक लोमड़ को आते देखा, हाथी ने लोमड़ से कहा – लोमड़ भाई….क्या तुम मुझसे दोस्ती करना चाहते हो..?
लोमड़ ने हाथी से कहा – हाथी तुम इतने विशाल हो और में तो बस छोटा सा लोमड़ हूँ। में तुमसे दोस्ती नहीं कर सकता हूँ।
हाथी लोमड़ की बात से बहुत दुखी हुआ, उसने सोचा की चालो आगे किसी जानवर से पूछता हूँ, लेकिन हाथी को सभी जानवरों ने दोस्ती करने से मना कर दिया। 
बेचारा हाथी उदास हो गया, लेकिन वह सभी जानवरों को अपना दोस्त समझता था, शाम हो गयी थी, अब हाथी वापस अपने घर आ रहा था। 
तभी उसने देखा की जंगल के सभी जानवर इधर उधर भाग रहे  है, हाथी ने जोर से पूछा – क्या हुआ सभी जानवर क्यों भाग है। 
जानवरों ने कहा की शेर गुस्सा हो गया है, वह सभी जानवरों को मार डालता है, तुम भी भाग जाओ नहीं तो शेर तुम्हें भी मार डालेगा। 
हाथी ने कहा – सब जानवर इधर आ जाओ, शेर हमें कुछ नहीं करेगा, सभी जानवर हाथी की तरह आ गये। 
कुछ ही देर में वहाँ शेर आ पहुँचा, उसने गुस्से में हाथी से कहा – हाथी आज में तुम्हारा शिकार करूँगा, लेकिन अगर तुम भागना चाहते हो तो भाग जाओ। 
हाथी ने शेर को अपनी लम्बी सूंढ़ में पकड़ा और दूर फेंक दिया, शेर एक पत्थर पर जाकर गिरा, वह  समझ गया की हाथी उससे ज्यादा ताकतवर हैं। वह तुरंत वहाँ से भाग गया। 
सभी जानवरों ने कहा – दोस्त हाथी हमसब तुमसे दोस्ती करना चाहते हैं, तुम एक सच्चे दोस्त हो हमें माफ़ कर दो और हमसे दोस्ती करलो। 
हाथी बोला – आज से हम सब दोस्त है और हम एक सच्चे दोस्त की तरह मुशीबत में एक दूसरे का साथ देंगे, सभी जानवर हाथी से दोस्ती करके बहुत खुश थे। 
चम्पक वन में पहले से ज्यादा रौनक आ गयी, सब एक दूसरे की सहायता करने लगे और हाथी जिस जगह भी जाता सब उसे देख खुश हो जाते थे, वह सबका एक अच्छा दोस्त बन गया था। 
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सीख – दोस्तों इस कहानी से हमें सीख मिलती है की हमें भी मुशीबत में एक दूसरे की सहायता करनी चाहिये। जैसे उस हाथी ने अपने सभी दोस्तों की सहायता किया था। 
आज इस लेख में आपको तीन पंचतंत्र की कहानी पढ़ी, आशा है की यह कहानी आपको अच्छी लगी होगी। इस वेबसाइट पर प्रतिदिन एक नयी कहानी अपडेट की जाती है, अगर आप सभी कहानियों का Notification चाहते है तो हमारे Facebook Page को Like करिये जिससे आपको नयी कहानी का Notification  मिल जायेगा। 
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